छत्तीसगढ़ में किसान किताब (ऋण पुस्तिका) कैसे बनवाएं और गुम होने पर डुप्लीकेट कॉपी पाने का पूरा तरीका

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और कृषि जीवन में जमीन के कागजात बहुत मायने रखते हैं। राज्य सरकार द्वारा किसानों की सुविधा के लिए जमीन के रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण तो कर दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद भौतिक रूप से **'किसान किताब' (ऋण पुस्तिका)** का महत्व आज भी उतना ही है। चाहे सहकारी समिति में समर्थन मूल्य पर धान बेचना हो, बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन लेना हो, या जमीन की रजिस्ट्री करानी हो—किसान किताब के बिना काम अटक जाता है।

यदि आप एक नए किसान हैं और अपनी ऋण पुस्तिका बनवाना चाहते हैं, या फिर दुर्भाग्यवश आपकी पुरानी किताब गुम या फट गई है, तो यह ब्लॉग आपके लिए है। **LandSeva** के इस लेख में हम आसान भाषा में पूरी प्रक्रिया समझा रहे हैं।

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किसान किताब (ऋण पुस्तिका) क्या है और यह क्यों जरूरी है?

किसान किताब, जिसे आम बोलचाल में **'ऋण पुस्तिका'** या **'जोत बही'** भी कहा जाता है, राज्य के राजस्व विभाग द्वारा जारी किया जाने वाला एक आधिकारिक दस्तावेज है। इसमें किसान की कुल भूमि, खसरा नंबर, रकबा (क्षेत्रफल), भूमि का प्रकार और उस पर लिए गए सरकारी या बैंक ऋण का पूरा विवरण दर्ज होता है।

**यह निम्नलिखित कार्यों के लिए आवश्यक है:**

  • **धान खरीदी केंद्र में पंजीयन:** छत्तीसगढ़ में राजीव गांधी किसान न्याय योजना या समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए टोकन कटवाने हेतु।
  • **बैंक ऋण और KCC:** कृषि लोन, ट्रैक्टर लोन या खाद-बीज पर सब्सिडी प्राप्त करने के लिए।
  • **जमीन की खरीद-बिक्री:** रजिस्ट्री कार्यालय में नामांतरण और बिक्री के समय।
  • **फसल क्षति मुआवजा:** सूखा, बाढ़ या ओलावृष्टि होने पर सरकारी राहत राशि पाने के लिए।

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नई किसान किताब बनवाने की चरणबद्ध प्रक्रिया

यदि आपकी नई जमीन दर्ज हुई है (बंटवारे, फौती या खरीदी के बाद), तो नई किसान किताब बनवाने के लिए नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करें:

  1. **आवेदन तैयार करना:** सबसे पहले अपने क्षेत्र के तहसीलदार या नायब तहसीलदार के नाम से एक सादे कागज पर या निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र लिखें।
  2. **पटवारी से संपर्क:** अपने संबंधित 'हल्का पटवारी' से मिलें। पटवारी आपके डिजिटल रिकॉर्ड (भुइयां पोर्टल) की जांच करेगा।
  3. **दस्तावेजों का मिलान:** पटवारी आपकी जमीन के बी-1 (खतौनी) और पी-द्वितीय (खसरा) का मिलान राजस्व रिकॉर्ड से करेगा।
  4. **ऋण पुस्तिका भरना:** सभी जांच सही पाए जाने पर पटवारी नई ऋण पुस्तिका के खाली प्रारूप में आपका विवरण भरेगा।
  5. **तहसीलदार के हस्ताक्षर व सील:** इसके बाद यह पुस्तिका तहसील कार्यालय भेजी जाती है, जहां तहसीलदार/नायब तहसीलदार के डिजिटल या भौतिक हस्ताक्षर और आधिकारिक सील लगाई जाती है। इसके बाद किसान किताब आपको सौंप दी जाती है।

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नई किसान किताब के लिए आवश्यक दस्तावेज

आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित (Self-attested) प्रतियां संलग्न करें:

  • **खसरा (P-II) और बी-1 की नकल:** (भुइयां पोर्टल या लोक सेवा केंद्र से निकली हुई प्रमाणित प्रति)।
  • **पहचान पत्र:** आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड।
  • **निवास प्रमाण पत्र:** या राशन कार्ड की फोटोकॉपी।
  • **पासपोर्ट साइज फोटो:** 2 हालिया रंगीन फोटो।
  • **मोबाइल नंबर:** जो आपके आधार और भुइयां रिकॉर्ड से लिंक हो।
  • **नामांतरण आदेश की प्रति:** यदि जमीन हाल ही में खरीदी गई हो या फौती नामांतरण हुआ हो।

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किसान किताब गुम या खराब होने पर क्या करें? (डुप्लीकेट प्रति की प्रक्रिया)

कई बार किसान भाइयों की ऋण पुस्तिका पानी में भीग जाती है, दीमक खा जाती है या कहीं गिर जाती है। ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है, राजस्व नियमों के तहत आपको **डुप्लीकेट किसान किताब** प्राप्त करने का पूरा अधिकार है।

इसकी प्रक्रिया इस प्रकार है:

स्टेप 1: नजदीकी थाने में सूचना (Missing Diary / Sanha)

किताब गुम होने पर सबसे पहले अपने नजदीकी पुलिस थाने में जाकर एक आवेदन दें कि आपकी ऋण पुस्तिका गुम हो गई है। पुलिस से इस सूचना की पावती (सनहा दर्ज प्रति या पावती रसीद) अवश्य लें। यह सबसे मुख्य प्रमाण है।

स्टेप 2: शपथ पत्र (Affidavit) बनवाएं

किसी नोटरी वकील से 10 या 50 रुपये के स्टाम्प पेपर पर एक शपथ पत्र बनवाएं। इसमें स्पष्ट लिखें:

  • आपकी भूमि का खसरा नंबर और गांव का नाम।
  • आपकी मूल ऋण पुस्तिका किस परिस्थिति में गुम/नष्ट हुई।
  • यह कि आपने इस ऋण पुस्तिका को किसी बैंक या व्यक्ति के पास गिरवी नहीं रखा है।

स्टेप 3: तहसील कार्यालय में आवेदन जमा करना

थाने की पावती, शपथ पत्र और अपने जमीन के बी-1/खसरा के साथ तहसीलदार के समक्ष 'डुप्लीकेट ऋण पुस्तिका जारी करने' बाबत आवेदन प्रस्तुत करें।

स्टेप 4: इश्तेहार (सूचना) और पटवारी जांच

तहसीलदार आपके आवेदन पर संज्ञान लेते हुए एक निश्चित समयावधि (सामान्यतः 15 दिन) का नोटिस जारी कर सकते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई अन्य व्यक्ति इस पर आपत्ति तो नहीं कर रहा। साथ ही, पटवारी से जांच प्रतिवेदन (Verification Report) मांगा जाता है।

स्टेप 5: डुप्लीकेट पुस्तिका जारी होना

पटवारी की सकारात्मक रिपोर्ट के बाद, शासकीय शुल्क जमा करवाकर तहसील कार्यालय द्वारा आपकी नई ऋण पुस्तिका जारी कर दी जाती है। इसके मुख्य पृष्ठ पर लाल स्याही से **"डुप्लीकेट" (Duplicate)** लिखा होता है।

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छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए LandSeva के जरूरी टिप्स

  1. **लेमिनेशन (Lamination) न कराएं:** कई किसान सुरक्षा के चक्कर में किसान किताब के पन्नों को लेमिनेट करा लेते हैं। ऐसा कभी न करें, क्योंकि बैंक लोन की सील, पटवारी के हस्ताक्षर और फसल प्रविष्टि के लिए पन्नों पर लिखना पड़ता है। लेमिनेशन कराने से किताब अमान्य हो सकती है। केवल इसके बाहरी कवर पर प्लास्टिक कवर चढ़ाएं।
  2. **डिजिटल कॉपी सुरक्षित रखें:** अपने मोबाइल में छत्तीसगढ़ भुइयां पोर्टल (`bhuiyan.cg.nic.in`) से अपना डिजिटल B-1 और खसरा PDF फॉर्मेट में हमेशा सेव रखें।
  3. **दलालों से सावधान रहें:** किसान किताब बनवाने के लिए किसी भी अनाधिकृत बिचौलिए को मोटी रकम न दें। निर्धारित शासकीय शुल्क बहुत कम होता है। किसी भी समस्या के लिए सीधे अपने हल्का पटवारी या तहसील के लोक सेवा केंद्र (Lok Seva Kendra) से संपर्क करें।

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निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ में किसान किताब केवल एक कागजी बही नहीं, बल्कि किसान के हक और मेहनत की पहचान है। चाहे नई किताब बनवानी हो या पुरानी गुम होने पर डुप्लीकेट कॉपी निकालनी हो, यदि आपके पास सही दस्तावेज हैं तो यह प्रक्रिया बेहद सरल और पारदर्शी है।

अपने जमीन संबंधी अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी समस्या की स्थिति में LandSeva पोर्टल पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों की मदद लेते रहें।