सारंगढ़-बिलाईगढ़ • उत्तराधिकार / नामांतरण
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में नामांतरण / उत्तराधिकार Online Apply कैसे करें?
अभी Apply करें →सारंगढ़-बिलाईगढ़ में उत्तराधिकार / नामांतरण — पूरी जानकारी
सारंगढ़-बिलाईगढ़ (नवगठित जिला) में किसी भूमि मालिक की मृत्यु के बाद संपत्ति को उनके उत्तराधिकारियों के नाम Transfer करने के लिए नामांतरण (Mutation) और उत्तराधिकार प्रक्रिया जरूरी होती है। LandSeva.in यह काम Online करता है।
मध्य छत्तीसगढ़ के नागरिक अब LandSeva.in के जरिए बिना Court या Tehsil Office जाए नामांतरण Apply कर सकते हैं।
Mutation Approved होने के बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के Land Records (B-1, P-II) में नया नाम दर्ज होता है।
उत्तराधिकार / नामांतरण की प्रक्रिया — सारंगढ़-बिलाईगढ़
मृत्यु प्रमाण पत्र, वारिसों का विवरण, B-1/खसरा और आधार के साथ LandSeva.in पर नामांतरण आवेदन तैयार करें।
तैयार आवेदन संबंधित तहसील कार्यालय में प्रस्तुत करें।
पटवारी द्वारा मौका जांच व प्रतिवेदन तैयार होता है और इश्तिहार/सूचना जारी की जाती है।
निर्धारित अवधि में किसी पक्ष की आपत्ति होने पर सुनवाई की जाती है।
सुनवाई के बाद सक्षम राजस्व अधिकारी (तहसीलदार) द्वारा नामांतरण आदेश पारित होता है।
आदेश के अनुसार B-1/खसरा में नए भूमि स्वामी का नाम दर्ज होता है।
- अविवादित नामांतरण: 3 माह
- विवादित नामांतरण: 6 माह
निर्धारित समय-सीमा में कार्य न होने पर संबंधित उच्च अधिकारी — पटवारी स्तर पर तहसीलदार, तहसीलदार स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और उसके ऊपर कलेक्टर — के समक्ष शिकायत की जा सकती है। पूरी समय-सीमा गाइड पढ़ें →
महत्वपूर्ण: LandSeva आवेदन तैयार करने एवं मार्गदर्शन में सहायता करता है। प्रमाण पत्र/आदेश जारी करने का अधिकार संबंधित सक्षम शासकीय अधिकारी के पास होता है।