छत्तीसगढ़ में जमीन का नक्शा बटांकन (तरमीम) कराने और नए खसरे का नक्शा अपडेट कराने की पूरी प्रक्रिया
छत्तीसगढ़ में जमीन की खरीद-बिक्री या आपसी पारिवारिक बंटवारे के बाद अक्सर एक बड़ी समस्या देखने को मिलती है—**"कागज में तो खसरा अलग हो गया, लेकिन सरकारी नक्शे में जमीन आज भी एक ही दिख रही है।"**
यदि आपने कोई जमीन खरीदी है या पैतृक जमीन का बंटवारा कराया है और आपका नया खसरा नंबर (जैसे 12/1, 12/2) बन चुका है, तो केवल बी-1 और खसरा (पी-II) में नाम आना काफी नहीं है। जब तक सरकारी नक्शे में आपकी जमीन का अलग से सीमांकन यानी **नक्शा बटांकन (तरमीम)** नहीं होगा, तब तक आपको बैंक लोन, सरकारी योजनाओं के लाभ या भविष्य में जमीन बेचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
इस लेख में हम 'LandSeva' के माध्यम से आपको नक्शा बटांकन कराने और भुइयां पोर्टल पर नए खसरे का नक्शा अपडेट कराने की आसान और व्यावहारिक प्रक्रिया बता रहे हैं।
---
नक्शा बटांकन (तरमीम) क्या है और यह क्यों जरूरी है?
जब किसी मूल खसरे (जैसे खसरा नंबर 50) में से कुछ हिस्सा बेचा जाता है या भाइयों के बीच बांटा जाता है, तो राजस्व रिकॉर्ड में नए उप-खसरे बन जाते हैं (जैसे 50/1 और 50/2)।
राजस्व विभाग के डिजिटल नक्शे में इन नए नंबरों की चौहद्दी (सीमा) को अलग-अलग दर्ज करने की प्रक्रिया को **नक्शा बटांकन या तरमीम (Tarmim)** कहा जाता है।
**यह क्यों जरूरी है?**
- **मेढ़ विवाद से बचाव:** पड़ोसियों या सह-खातेदारों के साथ भविष्य में जमीन को लेकर कोई झगड़ा न हो।
- **सटीक रकबा मिलना:** आपको अपने हिस्से की सही जमीन मौके पर और नक्शे में सुरक्षित मिले।
- **बैंक लोन और केसीसी (KCC):** बैंक अब लोन स्वीकृत करने से पहले कटे हुए खसरे का स्पष्ट नक्शा मांगते हैं।
- **सरकारी मुआवजा:** सड़क, नहर या उद्योग में जमीन अधिग्रहण होने पर सही व्यक्ति को मुआवजा तभी मिलता है जब नक्शा दुरुस्त हो।
---
बटांकन कराने के लिए आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
नक्शा बटांकन के लिए आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेजों की प्रतियां तैयार कर लें:
- **रजिस्ट्री की छायाप्रति:** यदि जमीन खरीदी गई है तो पंजीकृत विक्रय पत्र (Registry)।
- **फौती/बंटवारा आदेश:** यदि जमीन पारिवारिक बंटवारे या वारिसाना हक से मिली है तो उसका वैधानिक आदेश।
- **अद्यतन बी-1 (किश्तबंदी खतौनी) और खसरा (P-II):** वर्तमान वर्ष की कंप्यूटर नकल।
- **पुराना नक्शा (ट्रेस नक्शा):** वर्तमान खसरे का उपलब्ध नक्शा।
- **आवेदक का पहचान पत्र:** आधार कार्ड, वोटर आईडी और मोबाइल नंबर।
- **चौहद्दी की जानकारी:** जमीन के चारों तरफ (उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम) किसकी जमीन है, उसका विवरण।
---
छत्तीसगढ़ में नक्शा बटांकन की चरणबद्ध प्रक्रिया
छत्तीसगढ़ में राजस्व विभाग के नियमों के अनुसार आप यह कार्य निम्नलिखित चरणों में पूरा करवा सकते हैं:
1. आवेदन प्रस्तुत करना (तहसील या लोक सेवा केंद्र)
सबसे पहले आपको अपने संबंधित क्षेत्र के **तहसीलदार / नायब तहसीलदार न्यायालय** में नक्शा तरमीम हेतु विधिवत आवेदन देना होगा। आप यह आवेदन अपने नजदीकी **लोक सेवा केंद्र (LSK)** या सीधे तहसील कार्यालय के राजस्व शाखा में जमा कर सकते हैं। आवेदन में अपने पुराने और नए खसरा नंबर का स्पष्ट उल्लेख करें।
2. राजस्व न्यायालय में प्रकरण दर्ज होना
आवेदन जमा होने के बाद तहसील कार्यालय में इसका एक राजस्व प्रकरण (Case) दर्ज किया जाता है और आपको एक केस नंबर (प्रकरण क्रमांक) मिलता है। इसके बाद तहसीलदार द्वारा संबंधित **हल्का पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक (RI)** को स्थल जांच व नक्शा बटांकन का प्रतिवेदन देने का आदेश जारी किया जाता है।
3. मौके पर सीमांकन और पंचनामा (Ground Verification)
- हल्का पटवारी और आरआई मौके पर जमीन नापने (सीमांकन) की एक तारीख तय करते हैं।
- इस तारीख की सूचना आपके अगल-बगल के सभी खातेदारों (पड़ोसियों) को दी जाती है ताकि बाद में कोई आपत्ति न रहे।
- पटवारी मौके पर जरीब या आधुनिक ईटीएस (ETS) मशीन से नाप-जोख करता है।
- नाप के बाद एक **कच्चा नक्शा (प्रस्तावित तरमीम नक्शा)** और **मौका पंचनामा** तैयार किया जाता है, जिस पर आपके और पड़ोसियों के हस्ताक्षर कराए जाते हैं।
4. तहसील न्यायालय में रिपोर्ट जमा करना
पटवारी और आरआई अपनी संयुक्त रिपोर्ट, मौका पंचनामा और बटांकन का प्रस्तावित नक्शा बनाकर तहसीलदार के न्यायालय में पेश करते हैं।
5. तहसीलदार द्वारा अंतिम आदेश
यदि किसी भी पक्ष को कोई वैध आपत्ति नहीं होती, तो तहसीलदार नक्शा तरमीम (बटांकन) का अंतिम आदेश पारित कर देते हैं। इस आदेश में स्पष्ट होता है कि किस खसरे का कितना रकबा नक्शे में कहां स्थित है।
---
भुइयां (Bhuiyan) पोर्टल पर नया नक्शा कैसे अपडेट होता है?
तहसीलदार का आदेश होने के बाद अंतिम चरण डिजिटल नक्शे को अपडेट करने का होता है:
- **पटवारी आईडी से एंट्री:** हल्का पटवारी अपने भुइयां (Bhu-Naksha) सॉफ्टवेयर लॉगिन में जाकर आदेशानुसार मूल नक्शे को डिजिटल रूप से विभाजित (Split) करता है।
- **अनुमोदन (Approval):** पटवारी द्वारा नक्शा काटने के बाद इसे तहसीलदार/नायब तहसीलदार द्वारा डिजिटल सिग्नेचर से अनुमोदित किया जाता है।
- **पोर्टल पर लाइव:** अनुमोदन मिलते ही छत्तीसगढ़ के **भू-नक्शा पोर्टल (bhunaksha.cg.nic.in)** पर आपके नए खसरा नंबर का अलग नक्शा प्रदर्शित होने लगता है।
---
ग्रामीण और किसान भाइयों के लिए व्यावहारिक सुझाव (Practical Tips)
- **पड़ोसियों को विश्वास में लें:** नाप-जोख वाले दिन अपने आसपास के सभी जमीन मालिकों को पहले से बताकर मौके पर जरूर बुलाएं, ताकि बाद में कोई आपत्ति दर्ज न कराए।
- **मेढ़ (Boundaries) साफ रखें:** जिस दिन पटवारी नापने आए, उस दिन अपनी जमीन की मेढ़ों को साफ रखें ताकि जरीब चलाने में समय न लगे।
- **पक्के मुनारे (Pillars) लगाएं:** सीमांकन होते ही अपने कोनों पर पत्थर या सीमेंट के खंभे (मुनारे) तुरंत गाड़ दें, जिससे भविष्य में कब्जा विवाद न हो।
- **केस नंबर ट्रैक करें:** तहसील से मिलने वाले केस नंबर को सुरक्षित रखें और ई-कोर्ट (cg.nic.in/e-court) पोर्टल पर अपने मामले की अगली पेशी की तारीख ऑनलाइन देखते रहें।
- **डिजिटल नक्शा जरूर डाउनलोड करें:** तरमीम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भुइयां पोर्टल से अपने नए खसरे का नक्शा डाउनलोड करके प्रिंट निकालें और हमेशा अपनी रजिस्ट्री के साथ सुरक्षित रखें।
---
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में जमीन का खसरा अलग होने के बाद **नक्शा बटांकन (तरमीम)** कराना एक अत्यंत आवश्यक कानूनी प्रक्रिया है। बिना नक्शा दुरुस्त कराए जमीन का मालिकाना हक अधूरा माना जाता है। यद्यपि इस प्रक्रिया में तहसील और पटवारी स्तर पर थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन सही दस्तावेजों और सही तरीके से आवेदन करने पर यह काम बिना किसी परेशानी के पूरा हो जाता है। यदि आपका भी नक्शा अभी तक संयुक्त है, तो आज ही तहसील कार्यालय या लोक सेवा केंद्र जाकर बटांकन की प्रक्रिया शुरू करें।